बॉलीवुड ने आज एक बहुत बड़ा सितारा खो दिया है — 89 वर्षीय धर्मेंद्र का निधन हो गया है। उन्हें बड़े ही प्यार और सम्मान से “ही-मान” के नाम से भी जाना जाता था, और सचमुच में उनका चला जाना सिनेमा की उस अमर शक्ति का अंत जैसा है।
🕊 जीवन और करियर की झलक
- धर्मेंद्र का जन्म पंजाब के एक गाँव में हुआ था और उन्होंने 1960 में अपनी शुरुआत की फिल्म “दिल भी तेरा हम भी तेरे” से। India Today+2India Today+2
- इनकी परछाई साठ सालों से ऊपर फैली — उन्होंने 300 से भी ज़्यादा फिल्मों में काम किया। Images+2Hindustan Times+2
- रोमांटिक हीरो हो, एक्शन स्टार हो, या कॉमेडी का तड़का — धर्मेंद्र ने हर रूप में दिल जीतने का हुनर दिखाया। The Times of India
- उनकी सबसे यादगार भूमिकाओं में शोले (जहां वे वीरू बने), चुपके चुपके, मेरा गाँव मेरा देश, धरमवीर जैसी फिल्में शामिल हैं। India Today+2India Today+2
- उन्हें 2012 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था — एक प्रेरणा, सिर्फ स्क्रीन के ही नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी। Images
⚠ आखिरी समय और निधन
- इस महीने की शुरुआत में धर्मेंद्र को सांस लेने में तकलीफ हुई थी और उन्हें मुंबई के Breach Candy अस्पताल में भर्ती कराया गया था। www.ndtv.com+2The Economic Times+2
- उनकी हालत गंभीर हो गई, उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। The Economic Times
- अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने घर पर ही अपनी इलाज की प्रक्रिया जारी रखी, लेकिन अंततः 24 नवंबर को उनका निधन हो गया। www.ndtv.com+2Hindustan Times+2
- उनकी अंत्यक्रिया मुंबई के पवन हंस श्मशान केंद्र में उनके परिवार की मौजूदगी में संपन्न हुई। Hindustan Times
💔 इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और यादें
- धर्मेंद्र की मौत से बॉलीवुड में “युग का अंत” कहना गलत नहीं होगा — कई सितारों ने उन्हें “बोनाफाइड लेजेंड” और “हीरो का हीरो” कहा है। Hindustan Times
- निर्देशक करण जौहर ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनका जाना सिर्फ एक अभिनेता के खोने जैसा नहीं है, बल्कि एक उस ज़माने की याद है जिसे फिर दोबारा पाना मुश्किल होगा। Hindustan Times+1
- उनकी पारिवारिक विरासत भी भारी है — वे दो पत्नियों (प्रकाश कौर और हेमा मालिनी) और छह बच्चों (जिनमें सनी देओल, बॉबी देओल, एशा देओल शामिल हैं) के पिता हैं। India Today+1
✨ विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी
धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे — वे भारतीय सिनेमा की पहचान थे। उनकी छवि, उनकी अदायगी और उनकी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी ने उन्हें इतना बड़ा नाम बना दिया था कि उन्हें “ही-मान” कहा गया। उनका जाना न सिर्फ उनके परिजनों और लाखों फैंस के लिए बड़ा सदमा है, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक खालीपन छोड़ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।
उनकी फिल्मों का सफ़र, उनकी हँसी, उनकी लड़ाइयाँ स्क्रीन पर और दिलों में जीवन भर जिंदा रहेंगी। ओम शांति, धर्मेंद्र जी — आपके जाने का ग़म है, लेकिन आपकी यादें अमर हैं।