सामाजिक विज्ञान

इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र 

(दसवीं कक्षा के लिए)

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विषय सूची

क्र. सं. विषय

भाग – क : इतिहास (History)

सभ्यता की कहानी

1. साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद (Imperialism and Colonialism)

2. प्रथम विश्व युद्ध (First World War)

3. रूस की क्रांति (Russian Revolution)

4. विश्व: सन् 1919 से द्वितीय विश्व युद्ध तक (The World from 1919 to the Second World War)

5. विश्व: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद (The World after the Second World War)

6. भारतीय जागरण (Indian Awakening)

7. भारत का स्वाधीनता संघर्ष (India’s Struggle for Independence)

भाग – ख : नागरिक शास्त्र (CIVICS)

भारत : संविधान एवं सरकार (हमारा शासन और लोकतंत्र)

खंड – 1

1. राज्य विधान मंडल और राज्य कार्यपालिका (The State Legislature and the State Executive)

2. हमारी केंद्रीय सरकार (Our Government at the Centre)

3. हमारे न्यायालय (Our Courts)

4. मौलिक अधिकार तथा राज्यनीति के निर्देशक सिद्धांत (Fundamental Rights and Directive Principles of State Policy)

खंड – 2

5. हम और हमारा राष्ट्र (We and Our Nation)

खंड – 3

6. लोकतंत्र (Democracy)

7. निर्वाचन (Election)

8. राजनैतिक दल (Political Parties)

खंड – 4

9. भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियाँ  (Challenges Before Indian Democracy)

खंड – 5

10. भारत की विदेश नीति तथा संयुक्त राष्ट्र (Indian Foreign Policy and United Nations)

11. विश्व-समस्याएँ (World Problems)

भाग – ग : भूगोल (GEOGRAPHY)

भारत-आर्थिक भूगोल 

खंड – 1

1. भौतिक लक्षण (Physical Features)

2. जलवायु (Climate)

खंड – 2

3. वनस्पति,  जीव-जंतु और मृदा (The Flora, Fauna and Soils)

4. भूमि उपयोग और जल संसाधन (Land Use and Water Resources)

5. खनिज एवं शक्ति संसाधन (Minerals and Power Resources)

खंड – 3

6. कृषि (Agriculture)

7. उद्योग (Industries)

8. व्यापार , यातायात और संचार (Trade, Transport and Communication)

खंड – 4

9. मानव संसाधन (Human Resources)

भाग – घ : अर्थशास्त्र (ECONOMICS)

आर्थिक विकास

खंड – 1

1. आर्थिक विकास की ओर (कृषि, उद्योग, विदेशी व्यापार) (Towards Economics Development)

खंड – 2

2. राज्य और आर्थिक विकास (The State and Economic Development)

 

भाग – क (इतिहास)

1. साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद
2. प्रथम विश्व युद्ध
3. रूस की क्रांति
4. विश्व: सन् 1919 से द्वितीय विश्व युद्ध तक
5. विश्व: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद
6. भारतीय जागरण
7. भारत का स्वाधीनता संघर्ष 

अध्याय 1

साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद

(Imperialism and Colonialism)

विषय – परिचय 

1. साम्राज्यवाद – जब कोई एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र या उसके किसी क्षेत्र पर उसकी स्वतंत्रता को समाप्त कर अपना राजनैतिक अधिकार स्थापित करे तो इस प्रक्रिया को साम्राज्यवाद कहते हैं।

2. नवसाम्राज्यवाद या आर्थिक साम्राज्यवाद – 1875-1914 ई. तक बने रहने वाले साम्राज्यवाद को नवसाम्राज्यवाद कहा जाता है, क्योंकि इस साम्राज्यवाद के पीछे आर्थिक कारण प्रबल थे जो औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप उभरे थे। इसलिए इसे आर्थिक साम्राज्यवाद भी

3. साम्राज्यवाद का मुख्य कारण – साम्राज्यवाद का मुख्य कारण औद्योगिक क्रांति थी। इसके कारण अनेक प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन अधिक होने लगा। अतः तैयार माल बेचने तथा कच्चा माल प्राप्त करने के लिए उपनिवेशों की खोज शुरू हुई।

4. अफ्रीका में साम्राज्यवाद – ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, बेल्जियम, जर्मनी, पुर्तगाल आदि साम्राज्यवादी शक्तियों ने 1914 ई. तक अफ्रीका के समस्त भागों को आपस में बाँट लिया तथा उनका जमकर शोषण किया।

5. एशिया में साम्राज्यवाद – सन् 1914 तक जापान और थाईलैंड को छोड़कर लगभग समस्त एशिया महाद्वीप साम्राज्यवादी शक्तियों के राजनीति और आर्थिक साम्राज्यवाद का शिकार हो गया। ब्रिटेन, फ्रांस, थाईलैंड, अमेरिका तथा एशियाई देश जापान ने एशिया पर अधिकार करके खूब शोषण किया।

6. जापान-एक साम्राज्यवादी शक्ति के रूप में – 1853 ई. में जापान बाहरी दुनिया के संपर्क में आया। 1867 ई. में मेजी – पुनर्स्थापना, वह एक बहुत बड़ा औद्योगिक देश बन गया। उसने अपनी अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाना आरंभ किया। अपनी सेना का पुनर्गठन किया लेकिन जापान में भी

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